बिहार में कांग्रेस ने नए प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर जल्द करेगी ऐलान।

0
55

प्रदेस बिहार में कांग्रेसी के प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल 3 वर्ष का पूरा हो गया है। ऐसे परिस्थितियों में अब राज्य में प्रदेश अध्यक्ष के कार्यकाल पूर्ण होने वाले हैं जैसा की आप सभी अवगत हैं। कि कांग्रेसी ने अध्यक्ष पद के कार्यकाल 3 वर्षों का रखा है ऐसी स्थिति में वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा की कार्यकाल समाप्त ही होने वाली है ऐसी स्थिति में पार्टी के आलाकमान इस वक्त असमंजस में है। कि प्रदेश को किसने संभालेगा यह सभी को पता है बीते 15 वर्षों से बिहार में कांग्रेसका पतन हो चुका है। राष्ट्रीय जनता दल के सहारे प्रदेश में राजनीति बची हुई है ऐसे स्थितियों में यह देखा जाता है कि इस बीच कितने प्रदेश अध्यक्ष बने और कितने का कार्यकाल समाप्त हुए परंतु अभी अभी मदन मोहन झा के कार्यकाल में कुछ मिलाजुला कर ठीक-ठाक रहा। जहां 4 विधायकों से बढ़कर आज वर्तमान मैं विधायकों की संख्या में इजाफा हुआ है तो कांग्रेस के आलाकमान पूर्ण रूप से कंफ्यूज में है। की मदन मोहन झा के कार्यकाल समाप्त होने के बाद किन है यह पौध पद सौंपा जाए पर सूत्रों के अनुसार माने तो पार्टी के आलाकमान के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष के नए पदों को लेकर कुछ विधायकों की रेस आगे चल रही है।

जैसे कुटुंबा के कांग्रेसी विधायक राजेश राम कदवा के विधायक शकील अहमद खान व प्रदेश कांग्रेश के वर्तमान कार्यकारिणी अध्यक्ष समीर कुमार सहित इन नामों को लिया जाए। तो इनके सहारे बिहार में राजनीति को बचाया गया है तो माना जाए कि राज्य में प्रदेश अध्यक्ष के दावेदारी में इन्हीं कुछ लोगों में से चुनाव कर प्रदेश अध्यक्ष का पद सौंपा जा सकता है। क्योंकि सभी जान रहे हैं कि कांग्रेसका 20 सालों में काफी पतन हुई है। राज्य की राजनीति में लेकिन एक बात जरूर समझनी चाहिए। देश में बैठकर पूरे पार्टी की ओर से राजनीति करने वाले को विचार करने चाहिए कि क्या ऐसी राजनीति हो। जिसे देश के अन्य राज्यों में भी पार्टियों की थोड़ी बहुत कार्य अच्छी हो ताकि पार्टी का नाम जो 70 वर्षों से चल रही है उसे जूबोने डूब डूबो ने की कार्य न कर कांग्रेस को आगे की ओर अग्रसर करें क्योंकि आप जानते हैं। कि पार्टी के विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्र ने भी कहा था आलाकमान जब चाहे तब नए राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्षों के नाम का घोषणा अपने हिसाब से कर सकते हैं। परंतु अभी अभी खबर आ रही है सूत्रों के अनुसार की पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और कांग्रेस के उपाध्यक्ष श्री राहुल गांधी ने अपनी सभी कार्यकारिणी ओं को बैठक कर विचार विमर्श कर रहे हैं। कि पार्टी को अधिक से अधिक मजबूती के लिए किन-किन तरीकों से कार्य किया जाए जिससे पार्टी की मजबूती होकर आगे की तरह उभरे ताकि आने वाले समय में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो।

किस कमी के कारण आज 70 वर्षों की मेहनत पानी में भूल गया आप जानते हैं कि देश में इस वक्त भारतीय जनता पार्टी की राजनीति गरमाई हुई है। और पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी की बोलबाला चल रही है। तो आप अपने पार्टी को बचाने के लिए आगे की तरह बढ़ाने के लिए अंदर से लेकर बाहर तक पूरी मजबूती के साथ खड़ा होने के लिए आप किस तरह की योजना तैयार करेंगे। जिसे पार्टी में मजबूती और मजबूती तैयार किया जा सके जिससे पार्टी आगे चलकर अपनी सरकार अपने दम पर बना सके। यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष किसे बनाई जाए। जो पूरे ईमानदारी और निष्ठा पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए पार्टी को आगे की तरफ बढ़ाएं तो आप इन गिने-चुने नेताओं की दक्ष के साथ समर्पित कर सकते हैं। ऐसा भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने युवाओं को आगे लाएं ताकि लोग युवाओं को बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की प्रेरित करते हैं। तो इस वक्त प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल गांधी के माथे पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। और अपने जिम्मेदारियों को कैसे पूर्ण करेंगे यह उनकी कार्य क्षमता पर निर्भर करती है आज आपको देखने को मिलेगा बिहार में इतनी बड़ी पार्टी होने के बावजूद भी सरकार नहीं बना सकी। और अपनी राजनीतिक कैरियर में मदन मोहन झा ने पार्टी को आगे बढ़ाने का काम किया आज हमारी पार्टी चौथे नंबर की पार्टी तो है।

परंतु चौथे में भी कम संख्या नहीं है जहां चार रहा करता था। वहां आज 20:22 पर आकर पहुंच चुकी है तो ऐसा समझा जा सकता है। कि पार्टी मजबूती से आगे की ओर बढ़ रही है और किस तरह से और आगे बनाकर पार्टी को मजबूत वर्ण करने की प्रक्रिया अपनाई जाए इस पर जोर देना चाहिए। और आप सभी अवगत हैं कि बिहार में सेकंड नंबर की पार्टी थर्ड नंबर की पार्टी बनने के बावजूद भी आज प्रदेश में नीतीश कुमार की सरकार बनी हुई है। जबकि प्रदेश में पहला स्थान राष्ट्रीय जनता दल दूसरे स्थान पर भारतीय जनता पार्टी और तीसरे स्थान पर जनता दल यूनाइटेड चौथे पायदान पर कांग्रेश परंतु पिछले चुनाव से इस वक्त आगे बढ़ चढ़कर कांग्रेस ने कुछ हिस्सा लिया। और उसने जीत दर्ज कराई तो पार्टी को आगे को लेकर योजना बनाते हुए अपने प्रदेश के अध्यक्षों की चुनाव पूरी इमानदारी और योग्य उम्मीदवारों की चयन कर पार्टी के आलाकमान ओं को प्रदेश के अध्यक्ष की पद भार देनी चाहिए। अभी पूरे देश में कांग्रेश की कमर टूट चुकी है कुछ राज्यों को छोड़कर अगर कांग्रेसी इस वक्त प्रदेश में अच्छे प्रदेश अध्यक्ष का उम्मीदवार चयन करते हैं। जिससे सभी वर्गों और समुदायों को खुश रखने वाले आ जाते तो स्थिति अभी से सुधर सकती है। और पार्टी मजबूती स्थिति में आ सकती है क्योंकि पार्टी को अभी मजबूत बनाने की सबसे बड़ी चुनौती बनने वाले प्रदेश अध्यक्ष के कंधों पर टिकी रहेगी आप समझ सकते हैं।

कि इस वक्त जूही प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभाल लेगा उस पर बड़े चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा तो आप समझ सकते हैं। कि इतने बड़े चुनौतियों का सामना करने वाला इन नेताओं में कौन से आगे आ सकते हैं और किन पर आलाकमान अपना भरोसा जता सकते हैं। आप इससे उम्मीद कर सकते हैं कि जब डूबती नैया को बचाने वाले कांग्रेश की पतन हो जाने के बाद उखाड़ने की जो कार्य की है। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं उस तरह के उम्मीदवारों की चयन करके आप अपने पार्टी को बचा सकते हैं। डूबने से ऐसा भी कहा जा रहा है कि अगले 3 वर्षों के बाद जब बिहार विधानसभा की चुनाव होगी। तो उस चुनावी प्रक्रिया में अपने आने वाले सामने के प्रतिद्वंदी को किस तरह संभालना है।

Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here