अभी-अभी सरकार ने निकाला निर्देश कहां 5 सितंबर तक सभी शिक्षक लगाएं क्रोनाका टीका। 

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अभी-अभी सरकार ने यह निर्देश जारी कर दिया देश के सभी प्राइवेट एवं सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए कोरोनावायरस एक महामारी को लेकर निर्देश जारी किया। कहा सभी तरह के शिक्षक प्राइवेट स्कूल या सरकारी या कोचिंग संस्थान सभी शिक्षकों को 5 सितंबर से पहले क्रोनाका टीका लगाने का दिया निर्देश। कहा ऐसी कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण बहुत जरूरी है। क्योंकि लगातार करीब करीब 2 वर्षों से शैक्षणिक संस्थान बंद पड़े हुए हैं। बीच में एक दो बार अनलॉक प्रक्रिया के अनुरूप विद्यालयों को खोला गया। परंतु क्रोना की लहर को देखते हुए पुनः चल रहे टीकाकरण अभियान से देश में करुणा की स्थिति कुछ नियंत्रण हुई है। जिसे सरकार ने सरकारी एवं प्राइवेट शिक्षण संस्थानों की खोलने की इजाजत दे दी है। तो ऐसी स्थिति में सभी शिक्षकों का दायित्व बनता है कि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए और विद्यालय में पहुंचने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों को जीवन संवारने के लिए सरकार ने जब विद्यालय को खोल दिया है।

तो शिक्षकों की जिम्मेदारी और जवाबदेही है कि वे टीकाकरण करा कर के ही विद्यालय में जाने का प्रयास करें। अब तक 9 लिए हुए शिक्षक जो भी हैं। वह कोशिश करें कि टीकाकरण ले लें ताकि उनसे किसी और को हानि नहीं पहुंच सके। और टीकाकरण होंगे तो देश में वैश्विक महामारी कोरोनावायरस आ जा सकता है। आप लगातार अभी समाचार पत्रों में या प्रिंटिंग मीडिया या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से आप अवगत हो रहे होंगे कि डेल्टा वेरिएंट वायरस कुछ देशों में प्रभावी बनकर उभर रहा है। तो इससे बचने के लिए हम अपने देश की रक्षा करने के लिए स्वयं कदम उठाएं। ताकि आने वाले समय में में आर्थिक स्थिति की सामना ना करना पड़ सके। बार-बार सरकार द्वारा आग्रह किया जा रहा है आम जनों से की करो ना वैसे एक महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण अति आवश्यक है। लेकिन कुछ लोगों ने इनका पुरजोर विरोध करते हुए इस टीकाकरण में देरी हो रही है। जिससे सुरक्षा कवच टूट रही है सरकार के निर्देश अनुसार देश के हर नागरिक को करुणा का टिकट लेना अति आवश्यक है। अगर किसी प्रकार की क्षति पहुंचती है तो आपके साथ साथ सरकार की भी जवाबदेही बनती है। वह अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। हम आप अपनी जिम्मेदारी को निभाएं और टीकाकरण को गति दें।

ताकि टीकाकरण जल्द से जल्द पूरे देश में समय रहते सभी व्यक्तियों को लग जाए सरकार बहुत जल्द 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए भी टीकाकरण का अभियान शुरू कर सकती है। फिलहाल 18 से लेकर ऊपर के सभी वयस्क पुरुष एवं महिला वर्ग के सभी वर्गों के लिए टीकाकरण अभियान तेज करके सरकार ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही है। और आप भी सरकार को सहयोग देते हुए देश को क्रोना से बचाने के लिए प्रयास करें और आपके इर्द-गिर्द रहने वाले सभी आमजन स्कोर प्रेरणा दे। प्रेरित करें कि वह टीका जल्द से जल्द ले। ताकि सुरक्षा कवच तैयार हो 2 वर्षों से लगातार कोरोनावायरस को लेकर आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर हो चुकी है बरे बरे कल कारखाने फैक्ट्रियां बंद हो चुकी है। जिससे बेरोजगारी और बढ़ गई है बेरोजगारी को देखते हुए सरकार ने इस बार कोरोनावायरस महामारी के अंतर्गत लॉकडाउन तो लगाया लेकिन यातायात परिचालन को जारी रखा। जिससे सरकार की भी और आम जनों की आर्थिक स्थिति प्रभावित नहीं हो जैसा कि पिछले सत्र में आपने देखा होगा कि क्रोना वैश्विक महामारी जब लॉकडाउन लागू हुआ था। सरकार द्वारा विभिन्न प्रकारों का नियमों का पालन करना पड़ा था। तो वैसे परिस्थितियों में लोगों का भी और सरकार की भी आर्थिक स्थिति डल हो गई थी।

तो इसे मद्देनजर रखते हुए सरकार ने इस बार यातायात को बाधित नहीं किया है जिससे लोगों को परेशानियों का सामना बहुत कम करना पड़ा है। आप भी इस आमजन स्कोर अपने नजरों से देखते हुए आपने भी फील किया होगा कि सरकार की यह कदम सराहनीय रहा है। आज कोरोनावायरस को लेकर विश्व के कई एक ऐसे देश हैं जो अभी भी पीड़ित हैं। और आज भी तंगी का सामना कर रहे हैं कुल मिलाकर देखा जाए तो अन्य देशों के बनिस्बत अपना देश भारत इस बार अच्छी स्थिति में हैं और सभी लोगों का सहयोग सरकार को मिल रहा है। सरकार ने भी अपने कर्तव्यों का निर्वाहन कर रही है स्वास्थ्य केंद्र पर पहले से कुछ व्यवस्थाएं ठीक हुई है। और मजबूती करने की जरूरत है सरकार ने इस बिगर परिस्थिति में स्वास्थ्य को सुधारने की कोशिश कर रही है। लेकिन जैसी स्थिति होनी चाहिए वैसी स्थिति नहीं हो रही है और मजबूती प्रदान करने की जरूरत है। अगर हमारा स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी सुरक्षित रहेंगे तभी जाकर इस महामारी से लोगों को बचाव कर सकते हैं। सरकार जितना जल्द से जल्द हो स्वास्थ्य कर्मियों की बहाली करें डॉक्टरों की बहाली करें और स्वास्थ्य सुविधा सुदृढ़ करें तभी जाकर किसी भी प्रकार की महामारी से बचा जा सकता है।

सरकारी स्वास्थ्य विभागों में व्यवस्था की कमी है इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत होनी चाहिए। ताकि मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो सरकार आने वाली चुनावों में बड़ी बारे बात तो करती है। लेकिन जब सरकार बन जाती है मंत्री गठित हो जाते हैं। फिर लोग धीरे-धीरे सुस्त हो जाते हैं तो इस तरह की समस्याएं नहीं बनानी चाहिए। और सामाजिक न्याय संगत कार्य सरकार को करनी चाहिए। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो जब उन्हें विभाग में नौकरी मिल जाती है तो वह भी शिथिल हो जाते हैं ऐसा कतई नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से हानि पहुंचती है और रोगी बीमार अपना दम तोड़ देते हैं तो उन्हें देखने की उनकी जवाबदेही बनती है। सर्वथा करनी भी चाहिए क्योंकि जनता के पैसे से सरकार चलती है। और सरकार कर्मचारी साफ-सफाई उनको वेतन का भुगतान करती है तो अपने कर्तव्य के निर्वहन के लिए पूरे ईमानदारी से अपने कार्य को करनी चाहिए। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतनी चाहिए जिससे आम जनों को इस से तकलीफ पहुंचे लेकिन कितने लोग ऐसे हैं जो विभाग के निर्देशों को अभिना कर देते हैं। और वह अपने हठधर्मिता के अपनाए रहते हैं जिससे अपने साथ-साथ अन्य कुछ लोगों को भी इसकी सामना करना पड़ता है। तो आप ऐसे समझ सकते हैं कि जो कुछ इस प्रकार के लोग होते हैं।

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